ⓘ असमिया भाषा

बाङ्ला भाषा

बङ्गाली भाषा, या बङ्गला भाषा, बांग्लादेश आ भारतक पश्चिम बङ्गाल आ उत्तर-पूर्वी भारतक त्रिपुरा तथा असम राज्यक किछ प्रान्तसभने बाजल जाइवला एक प्रमुख भाषा छी । भाषा परिवारक दृष्टिसँ ई हिन्द युरोपेली भाषा परिवारक सदस्य छी । ई परिवारक अन्य प्रमुख भाषासभमे हिन्दी, नेपाली, पञ्जाबी, गुजराती, असमिया, ओड़िया, मैथिली इत्यादी भाषासभ छी । बङ्गाली भाषा बाजनिहारसभक सङ्ख्या लगभग २३ करोड़ अछि आ ई विश्वक छठम सबसँ पैग भाषा छी । ई भाषा बाजनिहार बाङ्लादेश आ भारत लगायत विश्वक बहुतसँ अन्य देशसभमे सेहो विस्तार भेल अछि ।

महारथी

महारथी विख्यात असमिया भाषा साहित्यकार चंद्रप्रसाद सइकीया द्वारा रचित एक उपन्यास छी जेकर लेल हुनका सन् 1995 मे साहित्य अकादमी पुरस्कार सँ सम्मानित कएल गेल।

कविता

कविता विख्यात असमिया भाषा साहित्यकार नीलमणि फूकन कनिष्ठ द्वारा रचित एक कविता–संग्रह छी जेकर लेल हुनका सन् 1981 मे साहित्य अकादमी पुरस्कार सँ सम्मानित कएल गेल।

अलकनंदा

अलकनंदा विख्यात असमिया भाषा साहित्यकार नलिनीबाला देवी द्वारा रचित एक कविता–संग्रह छी जेकर लेल हुनका सन् 1968 मे साहित्य अकादमी पुरस्कार सँ सम्मानित कएल गेल।

                                     

ⓘ असमिया भाषा

असमिया भाषा वा असामी एक पूर्वी भारोपेली भाषा छी जे भारतीय राज्य असममे मुख्यतया बाजल जाइत् अछि । ई असम राज्यक आधिकारिक भाषा सेहो छी । आधुनिक भारतीय आर्यभाषासभक शृङ्खलामे पूर्वी सीमा पर अवस्थित असमक भाषाकें असमी, असमिया अथवा आसामी कहल जाइत अछि । असमिया भारतक असम प्रान्तमे बाजल जाइवला प्रमुख भाषा छी । भाषा परिवारक दृष्टिसँ एकर सम्बन्ध आर्य भाषा परिवार सँ अछि आ बाङ्ग्ला, मैथिली, उड़िया आ नेपालीसँ एकर निकट सम्बन्ध अछि ।

गियर्सनक वर्गीकरणक दृष्टिसँ ई बाहरी उपशाखाक पूर्वी समुदायकें भाषा छी, मुदा सुनीतिकुमार चटर्जीक वर्गीकरणमे प्राच्य समुदायमे एकर स्थान अछि । उड़िया भाषा तथा बङ्गला भाषा जका असामीकें सेहो उत्पत्ति प्राकृत तथा अपभ्रंशसँ भेल पुष्टि कएल गेल अछि ।

यद्यपि असमिया भाषाक उत्पत्ति सत्रहम् शताब्दीसँ भेल मानल जाइत अछि मुदा साहित्यिक अभिरुचिसभक प्रदर्शन तेरहम् शताब्दीमे रुद्र कन्दलीक द्रोण पर्व महाभारत तथा माधव कन्दलीक रामायणसँ प्रारम्भ भेल । वैष्णवी आन्दोलनद्वारा प्रान्तीय साहित्यकें बल प्रदान केलक । शंकर देव १४४९-१५६८ अपन लम्बा जीवन-यात्रामे ई आन्दोलनकें स्वरचित काव्य, नाट्य आ गीतसभ सँ जीवित राखने छल ।

सीमाक दृष्टिसँ असमिया क्षेत्रक पश्चिममे बङ्गला भाषा उपस्थित अछि । अन्य दिशासभमे बहुतेक भिन्न परिवारसभक भाषासभ बाजल जाइत अछि । एहिमे सँ तिब्बती भाषा, बर्मी भाषा तथा खासी भाषा प्रमुख अछि । ई सीमावर्ती भाषासभक गहीरगर प्रभाव असमियाक मूल प्रकृतिमे देखल जाए सकैत अछि । अपन प्रदेशमे सेहो असमिया एकमात्र भाषा नै छी जे बाजल जाइत अछि । ई प्रमुखत: मैदानक भाषा छी ।

                                     

1. असमिया या बङ्गला

बहुत दिनधरि असमियाकें बङ्गला भाषाएक उपबोली सिद्ध करवाक उपक्रम होइत रहल अछि । असमियाक तुलनामे बङ्गला भाषा आ साहित्यकें बहुमुखी प्रसारक नियार करि लोक ई प्रकारक धारण बनबैत चलि आबि रहल अछि । मुदा भाषावैज्ञानिक दृष्टिसँ बङ्गला आ असमियाक समानान्तर विकास बहुत सहज तरिकासँ देखल जाए सकैत अछि । मागधी अपभ्रंशक एक टा स्रोत सँ नि:सृत होमएक कारण दुनूमे समानताएँ भऽ सकैत अछि, मुदा ओकर आधापर एक दोसरक बोली सिद्ध नै कएल जाए सकैत अछि ।

                                     
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  • श न तन क लनन दन व ख य त असम य भ ष स ह त यक र प रव बरम द द व र रच त एक उपन य स छ ज कर ल ल ह नक सन 2007 म स ह त य अक दम प रस क र स सम म न त कएल
                                     

असमिया जातीय जीवंत महापुरुषीय परंपरा

असमिया जातीय जीवंत महापुरुषीय परंपरा विख्यात असमिया भाषा साहित्यकार हीरेन गोहार्इं द्वारा रचित एक समालोचना छी जेकर लेल हुनका सन् 1989 मे साहित्य अकादमी पुरस्कार सँ सम्मानित कएल गेल।

                                     

मंचलेखा

मंचलेखा विख्यात असमिया भाषा साहित्यकार अतुलचंद्र हज़ारिका द्वारा रचित एक असमिया रंगमंच का अध्ययन छी जेकर लेल हुनका सन् 1969 मे साहित्य अकादमी पुरस्कार सँ सम्मानित कएल गेल।

                                     

शान्तनुकुलनन्दन

शान्तनुकुलनन्दन विख्यात असमिया भाषा साहित्यकार पुरवी बरमुदै द्वारा रचित एक उपन्यास छी जेकर लेल हुनका सन् 2007 मे साहित्य अकादमी पुरस्कार सँ सम्मानित कएल गेल।

                                     

अभिजात्री

अभिजात्री विख्यात असमिया भाषा साहित्यकार निरुपमा बरगोहाइँ द्वारा रचित एक उपन्यास छी जेकर लेल हुनका सन् 1996 मे साहित्य अकादमी पुरस्कार सँ सम्मानित कएल गेल।

                                     

इयारुइंगम

इयारुइंगम विख्यात असमिया भाषा साहित्यकार बीरेन्द्रकुमार भट्टाचार्य द्वारा रचित एक उपन्यास छी जेकर लेल हुनका सन् 1961 मे साहित्य अकादमी पुरस्कार सँ सम्मानित कएल गेल।

                                     

जंगम

जंगम विख्यात असमिया भाषा साहित्यकार *देवेन्द्रनाथ आचार्य द्वारा रचित एक उपन्यास छी जेकर लेल हुनका सन् 1984 मे साहित्य अकादमी पुरस्कार सँ सम्मानित कएल गेल।

                                     

बनफूल

बनफूल विख्यात असमिया भाषा साहित्यकार जतीन्द्रनाथ दुवेरा द्वारा रचित एक कविता–संग्रह छी जेकर लेल हुनका सन् 1955 मे साहित्य अकादमी पुरस्कार सँ सम्मानित कएल गेल।

                                     

बङ्गला लिपि

बङ्गला लिपि वा बङ्गला अक्षर वा बङ्गाली लिपि पूर्वी नागरी लिपि कऽ एक परिमार्जित रूप छी जे बङ्गाली भाषा, असमिया भाषा लिखैक लेल प्रयोग कएल जाइत अछि । ई विश्वमे सभसँ बेसी प्रयोग होमएवला पाँचम लिपि छी । ई लिपि विष्णुप्रिया मणिपुरी भाषा आ ऐतिहासिक रूपसँ बङ्गालमे संस्कृत लिखैक लेल प्रयोग होइत अछि ।

                                     

श्रृंखल

श्रृंखल विख्यात असमिया भाषा साहित्यकार भवेन्द्रनाथ सइकीया द्वारा रचित एक कहानी–संग्रह छी जेकर लेल हुनका सन् 1976 मे साहित्य अकादमी पुरस्कार सँ सम्मानित कएल गेल।

                                     

महत ऐहिह्य

महत ऐहिह्य विख्यात असमिया भाषा साहित्यकार नलिनीधर भट्टाचार्य द्वारा रचित एक समालोचना छी जेकर लेल हुनका सन् 2002 मे साहित्य अकादमी पुरस्कार सँ सम्मानित कएल गेल।